Resistance /Resistor (प्रतिरोधक) क्या होता है? कितने प्रकार के होते हैं?




प्रतिरोधक (Resistor)

Electrical Resistor in hindi | प्रतिरोधक

Resistor, “किसी इलेक्ट्रिकल सर्किट या इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में प्रयोग होने वाला वह passive element जो इन परिपथो  में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा (Electric current) को सीमित और नियंत्रित करता है| ”

या

दूसरे शब्दों में कहें तो-

“वह passive element जोकि किसी इलेक्ट्रिकल सर्किट या इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में प्रतिरोध का विशेष मान उपलब्ध कराता है, प्रतिरोधक (Resistor) कहलाता है| ”

यह सर्किट का passive element  होतें हैं इनमें दो टर्मिनल होते हैं|
मुख्य रूप से इसका कार्य-

इलेक्ट्रिकल सर्किट या इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में विद्युत धारा (Electric current) को नियंत्रित करना
वोल्टेज (Voltage) का विभाजन करना।

कभी-कभी विशेष अवस्था में इसका प्रयोग उष्मा (Heat) उत्पन्न करने के लिए भी किया जाता है|

Types of Resistors


मूलतः प्रतिरोधक दो प्रकार के होते हैं-

1. Linear Resistors
2. Non-Line Resistors

1. Linear Resistors:-


वह Resistors जिसके प्रतिरोध का मान उस पर प्रयुक्त की गई वोल्टेज के परिवर्तन के साथ भी स्थिर रहता है |
या
दूसरे शब्दों में समझे तो वह Resistors जिससे प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा उसपे प्रयुक्त वोल्टेज के अनुक्रमानुपाती होती है|
यह Resistors,ohm’s law का पालन करते हैं|
इनका V-I ग्राफ रेखीय (linear) होता है इसलिए इन को रेखीय प्रतिरोधक (linear resistors) कहते हैं

Linear Resistors समानतः दो प्रकार के होते हैं-


  •  Fixed resistor-



वह प्रतिरोधक जिसके प्रतिरोध का मान वोल्टेज या तापमान के बदलने के साथ नहीं बदलता है अर्थात इसके प्रतिरोध पर तापमान या वोल्टेज का प्रभाव नहीं पता,Fixed resistor कहलाता है|

जैसे-

> carbon composition resistors
> wire wound resistors
> thin film resistors
> thick film resistors


विद्युतीय इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में समानतः Fixed resistor का ही प्रयोग होता है|
ideal fixed resistor का मान सभी स्थिति में परिवर्तनीय होता है परंतु व्यवहारिक रूप में प्रयोग किए जाने वाले fixed resistor पर तापमान के परिवर्तन का प्रभाव पड़ता है|
इस प्रतिरोधक का मान इसको डिजाइन करते समय निर्धारित कर दिया जाता है|
इसके मान को हम पुनः बदल नहीं सकते।


  •  variable resistor-


जैसा किसके नाम से ही प्रतीत हो रहा है कि वह रजिस्टर जिस का मान किसी के द्वारा या स्वयं बदला जा सकता है| जैसे- 

>  Potentiometers
>  Rheostats
>  Trimmers

इन  प्रतिरोधक में इनके मान को बदलने के लिए स्क्रु या नॉब या डायल लगे होते हैं|
इन प्रतिरोधक में सरकन भुजा (Sliding arm) होती है जो कि शाफ्ट से जुड़ी होती है और प्रतिरोधक के मान को बदलने के लिए इस भुजा को ही  घूमाते हैं|



2. Non-Linear Resistors


वह प्रतिरोधक जिसमें प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा ohm’s law के अनुसार नहीं बदलती लेकिन इस पर वोल्टेज या तापमान या प्रकाश का प्रभाव अवश्य पड़ता है|

यह Resistors,ohm’s law का पालन नहीं करते हैं|
इनका V-I ग्राफ रेखीय (linear) नहीं  होता है इसलिए इन को अरेखीय प्रतिरोधक (Non-linear resistors) कहते हैं|
Non-linear resistors निम्न प्रकार के होते हैं-

> Thermisters
> Varisters (VDR)
> Photo Resistor or Photo Conductive Cell or LDR





Post a Comment

2 Comments